लोक सभा में कौन सांसद कहाँ बैठेगा?जानिये कैसे तय होता है।


लोक सभा में कौन सांसद कहाँ बैठेगा?जानिये कैसे तय होता है।
लोक सभा में कौन सांसद कहाँ बैठेगा?जानिये कैसे तय होता है।

⏩लोक सभा में कौन सांसद कहाँ बैठेगा?जानिये कैसे तय होता है। लोक सभा, राज्य सभा और राष्ट्रपति. लोक सभा को हाउस ऑफ़ पीपल्स भी कहा जाता है।भारत की संसद के तीन अंग है।
⏩आपने देख होगा कि संसद में बहस के दौरान विभिन्न दलों के सदस्य कुछ लाइन्स में बैठे दिखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन लोक सभा सदस्यों के बैठने के लिए भी कोई नियम होता है और कौन कहाँ बैठेगा इस बात का निर्णय करने के अधिकार लोक सभा के स्पीकर के पास होता है।
⏩राष्ट्रपति द्वारा मृत्यु दंड को माफ़ करने की क्या प्रक्रिया है?
⏩लोक सभा चैम्बर में 550 सदस्यों के लिए बैठने के लिए सीटें लगायी गयी हैं. सभी सीटों को छह ब्लॉक में बांटा गया है, प्रत्येक ब्लॉक में ग्यारह पंक्तियां हैं।
⏩स्पीकर के दायीं की कुर्सियों पर सत्तारूढ़ दल के सदस्य बैठते हैं जबकि विपक्ष के सदस्य स्पीकर के बायीं ओर की सीटों पर बैठते हैं.लोक सभा का उप-सभापति बायीं ओर पहली पंक्ति वाली सीट पर बैठता है. सभापति के सबसे आगे एक टेबल पर लोक सभा सचिवालय के कर्मचारी बैठते हैं जो दिन भर की कार्यवाही का लेखा जोखा रिकॉर्ड करते हैं।
⏩ब्लॉक नंबर 1 जो कि स्पीकर के दायीं ओर है और और ब्लॉक नंबर 6 स्पीकर के बाईं ओर है इन दोनों ब्लॉक्स में 97-97 सीटें हैं. बाकी के सभी 4 ब्लॉक्स में 89-89 सीटें हैं. लोक सभा के प्रत्येक सदस्य और मंत्री को लोक सभा में एक सीट आवंटित की जाती है।

⏩लोक सभा में कौन सांसद कहाँ बैठेगा?जानिये कैसे तय होता है।

⏩स्पीकर के दायीं की कुर्सियों पर सत्तारूढ़ दल के सदस्य बैठते हैं जबकि विपक्ष के सदस्य स्पीकर के बायीं ओर की सीटों पर बैठते हैं.लोक सभा का उप-सभापति बायीं ओर पहली पंक्ति वाली सीट पर बैठता है. सभापति के सबसे आगे एक टेबल पर लोक सभा सचिवालय के कर्मचारी बैठते हैं जो दिन भर की कार्यवाही का लेखा जोखा रिकॉर्ड करते हैं।
⏩बैठने की व्यवस्था का फैसला कौन करता है?
लोक सभा में प्रक्रिया और संचालन (Rules of Procedure and Conduct of Business)के नियम 4 के अनुसार, लोक सभा सदस्य स्पीकर द्वारा तय किये गए नियम के अनुसार ही बैठेंगे. इस सम्बन्ध में स्पीकर को दिशा निर्देश, "अध्यक्ष द्वारा निर्देश" Direction 122(a) नामक क्लॉज़ में दिए गए हैं. यह क्लॉज़, स्पीकर को यह अधिकार देता है कि वह किसी पार्टी की लोक सभा में सीटों के आधार उनके बैठने की जगह तय करे।
            
         ⏩लोक सभा में सीटों की कुल संख्या⏩
लोक सभा में कौन सांसद कहाँ बैठेगा?जानिये कैसे तय होता है।

⏩यदि हम सबसे आगे की पंक्ति (front row) में बीजेपी के लिए आवंटित सीटों की संख्या निकालना चाहें तो..
⏩मान लीजिये कि लोक सभा में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के पास कुल 330 सदस्य है और सभी ब्लॉक्स में फ्रंट सीटों की संख्या 20 है तो NDA सदस्यों के लिए फ्रंट सीटों की संख्या होगी;
                     =  330 x 20/ 550 =12
अतः पहली पंक्ति में मौजूद 20 सीटों में से 12 सीटों पर NDA के सदस्य बैठेंगे।
⏩बची हुई सीटों के बंटवारा कैसे होता है?
⏩ऊपर दिया गया फार्मूला ही अन्य पंक्ति की सीटों के आवंटन के लिए अपनाया जाता है. इस प्रकार जब फ़ॉर्मूले के आधार पर सीटों का बंटवारा हो जाता है तो सम्बंधित राजनीतिक पार्टी या गठबंधन समूह को इस बारे में बताया जाता है. अब सम्बंधित पार्टी, स्पीकर को बताती है कि उसका कौन सा सदस्य किस जगह पर बैठेगा. इस प्रकार लोक सभा स्पीकर की अनुमति के बाद सदस्य को सीट मिल जाती है।
⏩जिन पार्टियों के 5 से कम सदस्य होते हैं
⏩जिन पार्टियों के पास 5 से कम सदस्य होते हैं या जो इंडिपेंडेंट होते हैं उनके लिए सीटों का आवंटन लोक सभा स्पीकर अपने विवेकाधिकार के आधार पर करता है. कभी-कभी लोक सभा स्पीकर इसका फैसला किसी सदस्य की वरिष्ठता और सामाजिक सम्मान के आधार पर भी करता है. जैसे आपने देखा होगा कि मायावती, मुलायम सिंह और देवेगौडा को फ्रंट सीट दी जाती है जबकि उनकी पार्टी के पास इतनी सदस्य संख्या नहीं होती है कि उन्हें फ्रंट सीट दी जा सके।
⏩तो इस प्रकार अब आपको यह पता चल गया होगा कि लोक सभा में कौन सदस्य किस सीट पर बैठेगा इसका निर्णय किस आधार पर किया जाता है और यह निर्णय कौन करता है।
⏩लोक सभा में कौन सांसद कहाँ बैठेगा?जानिये ऐसे  तय होता है।



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